सार्वजनिक यातायातको पहुँच एक महत्वपूर्ण भौतिक सूचक हो जसले समुदायको आवागमन र सामाजिक-आर्थिक गतिविधिमा पहुँचको अवस्थालाई दर्शाउँछ। सार्वजनिक यातायातसम्म पुग्न लाग्ने समयको अध्ययनले स्थानीय जनताको गतिशीलता, बजार पहुँच, र सेवा सुविधाहरूमा पहुँचको अवस्था बुझ्न मद्दत पुर्याउँछ। यस खण्डमा पोखरा महानगरपालिकाको विभिन्न वडाहरूमा सार्वजनिक यातायातसम्म पुग्न लाग्ने समयको विश्लेषण प्रस्तुत गरिएको छ।
पोखरा महानगरपालिकामा कुल १४३,०६८ घरधुरी मध्ये७९.४३% घरधुरीले १५ मिनेटभित्र,१६.९२% घरधुरीले ३० मिनेटभित्र, र३.४८% घरधुरीले १ घण्टाभित्र सार्वजनिक यातायात पुग्न सक्छन्।
पोखरा महानगरपालिकामा सार्वजनिक यातायातसम्म पुग्न लाग्ने समयको वितरण निम्नानुसार रहेको छ:
कुल घरधुरी: १४३,०६८
| क्र.सं. | सार्वजनिक यातायात पुग्न लाग्ने समय | घरधुरी | प्रतिशत |
|---|---|---|---|
| १ | १५ मिनेटभित्र | ११३,६३५ | ७९.४३% |
| २ | ३० मिनेटभित्र | २४,२०० | १६.९२% |
| ३ | १ घण्टाभित्र | ४,९८० | ३.४८% |
| ४ | १ घण्टाभन्दा बढी | २५३ | ०.१८% |
| जम्मा | १४३,०६८ | १००.००% | |
वडा अनुसार सार्वजनिक यातायातसम्म पुग्न लाग्ने समयको वितरण
विभिन्न वडाहरूमा ३० मिनेटभित्र सार्वजनिक यातायात पुग्न सक्ने घरधुरीहरूको तुलना
वडा अनुसार सार्वजनिक यातायात पुग्न लाग्ने समयको विस्तृत विश्लेषण
| वडा नं. | जम्मा घरधुरी | १५ मिनेटभित्र | ३० मिनेटभित्र | १ घण्टाभित्र | १ घण्टाभन्दा बढी |
|---|---|---|---|---|---|
| वडा १ | ३,८८५ | ३,५७५ (९२.०२%) | ३०९ (७.९५%) | १ (०.०३%) | ० (०.००%) |
| वडा २ | २,६१३ | २,५९२ (९९.२०%) | २१ (०.८०%) | ० (०.००%) | ० (०.००%) |
| वडा ३ | ३,०३६ | २,८८६ (९५.०६%) | १४५ (४.७८%) | ५ (०.१६%) | ० (०.००%) |
| वडा ४ | २,५४९ | २,५२८ (९९.१८%) | २१ (०.८२%) | ० (०.००%) | ० (०.००%) |
| वडा ५ | ६,२१९ | ४,६७१ (७५.११%) | १,५४२ (२४.७९%) | ६ (०.१०%) | ० (०.००%) |
| वडा ६ | ४,०२६ | ३,७५५ (९३.२७%) | २६२ (६.५१%) | ९ (०.२२%) | ० (०.००%) |
| वडा ७ | ४,३७७ | ३,८२५ (८७.३९%) | ५५१ (१२.५९%) | १ (०.०२%) | ० (०.००%) |
| वडा ८ | ६,९६० | ६,७४७ (९६.९४%) | २११ (३.०३%) | २ (०.०३%) | ० (०.००%) |
| वडा ९ | ४,४५२ | ४,३९८ (९८.७९%) | ५३ (१.१९%) | १ (०.०२%) | ० (०.००%) |
| वडा १० | ५,०१४ | ४,५५० (९०.७५%) | ४५४ (९.०५%) | १० (०.२०%) | ० (०.००%) |
| वडा ११ | ४,९०१ | २,७३८ (५५.८७%) | २,११० (४३.०५%) | ५२ (१.०६%) | १ (०.०२%) |
| वडा १२ | ३,५४० | ३,१८६ (९०.००%) | ३३४ (९.४४%) | १९ (०.५४%) | १ (०.०३%) |
| वडा १३ | ६,१०९ | ५,१३५ (८४.०६%) | ५०८ (८.३२%) | ४५३ (७.४२%) | १३ (०.२१%) |
| वडा १४ | ८,७९१ | ७,५३३ (८५.६९%) | १,१५६ (१३.१५%) | ९३ (१.०६%) | ९ (०.१०%) |
| वडा १५ | ६,७९८ | ४,२९६ (६३.२०%) | २,०५८ (३०.२७%) | ४४१ (६.४९%) | ३ (०.०४%) |
| वडा १६ | ६,८१५ | ५,६३९ (८२.७४%) | ९७९ (१४.३७%) | १९५ (२.८६%) | २ (०.०३%) |
| वडा १७ | १२,८१५ | १०,८१६ (८४.४०%) | १,९१६ (१४.९५%) | ८३ (०.६५%) | ० (०.००%) |
| वडा १८ | ३,६०६ | २,५२१ (६९.९१%) | ७६७ (२१.२७%) | ३०१ (८.३५%) | १७ (०.४७%) |
| वडा १९ | ३,८५९ | २,७४० (७१.००%) | ८९२ (२३.११%) | २०७ (५.३६%) | २० (०.५२%) |
| वडा २० | १,०९६ | ४२४ (३८.६९%) | ३९७ (३६.२२%) | २५६ (२३.३६%) | १९ (१.७३%) |
| वडा २१ | २,५२६ | १,२७६ (५०.५१%) | ८९४ (३५.३९%) | ३२८ (१२.९८%) | २८ (१.११%) |
| वडा २२ | २,११६ | १,१६९ (५५.२५%) | ६०१ (२८.४०%) | ३३७ (१५.९३%) | ९ (०.४३%) |
| वडा २३ | १,१९१ | ७९९ (६७.०९%) | १४७ (१२.३४%) | १९३ (१६.२०%) | ५२ (४.३७%) |
| वडा २४ | १,६५७ | १,२६९ (७६.५८%) | २६० (१५.६९%) | १२१ (७.३०%) | ७ (०.४२%) |
| वडा २५ | ४,९०२ | ३,६६८ (७४.८३%) | ८९६ (१८.२८%) | ३२१ (६.५५%) | १७ (०.३५%) |
| वडा २६ | ४,६७३ | ३,५५७ (७६.१२%) | ८८५ (१८.९४%) | २२४ (४.७९%) | ७ (०.१५%) |
| वडा २७ | ४,५६२ | २,८५९ (६२.६७%) | १,४४३ (३१.६३%) | २५४ (५.५७%) | ६ (०.१३%) |
| वडा २८ | १,१७७ | ८३५ (७०.९४%) | २७९ (२३.७०%) | ५९ (५.०१%) | ४ (०.३४%) |
| वडा २९ | ४,५२८ | ३,९८१ (८७.९२%) | ४८३ (१०.६७%) | ५६ (१.२४%) | ८ (०.१८%) |
| वडा ३० | ४,५१० | ३,८१७ (८४.६३%) | ६३४ (१४.०६%) | ५३ (१.१८%) | ६ (०.१३%) |
| वडा ३१ | २,४२४ | १,७९२ (७३.९३%) | ४४३ (१८.२८%) | १८६ (७.६७%) | ३ (०.१२%) |
| वडा ३२ | ४,०९० | २,१९१ (५३.५७%) | १,४४३ (३५.२८%) | ४४३ (१०.८३%) | १३ (०.३२%) |
| वडा ३३ | ३,२५१ | १,८६७ (५७.४३%) | १,१०६ (३४.०२%) | २७० (८.३१%) | ८ (०.२५%) |
| पालिका जम्मा | १४३,०६८ | ११३,६३५ (७९.४३%) | २४,२०० (१६.९२%) | ४,९८० (३.४८%) | २५३ (०.१८%) |
कुल घरधुरी: ३,८८५
कुल घरधुरी: २,६१३
कुल घरधुरी: ३,०३६
कुल घरधुरी: २,५४९
कुल घरधुरी: ६,२१९
कुल घरधुरी: ४,०२६
कुल घरधुरी: ४,३७७
कुल घरधुरी: ६,९६०
कुल घरधुरी: ४,४५२
कुल घरधुरी: ५,०१४
कुल घरधुरी: ४,९०१
कुल घरधुरी: ३,५४०
कुल घरधुरी: ६,१०९
कुल घरधुरी: ८,७९१
कुल घरधुरी: ६,७९८
कुल घरधुरी: ६,८१५
कुल घरधुरी: १२,८१५
कुल घरधुरी: ३,६०६
कुल घरधुरी: ३,८५९
कुल घरधुरी: १,०९६
कुल घरधुरी: २,५२६
कुल घरधुरी: २,११६
कुल घरधुरी: १,१९१
कुल घरधुरी: १,६५७
कुल घरधुरी: ४,९०२
कुल घरधुरी: ४,६७३
कुल घरधुरी: ४,५६२
कुल घरधुरी: १,१७७
कुल घरधुरी: ४,५२८
कुल घरधुरी: ४,५१०
कुल घरधुरी: २,४२४
कुल घरधुरी: ४,०९०
कुल घरधुरी: ३,२५१
पोखरा महानगरपालिकामा सार्वजनिक यातायात पहुँचको विश्लेषण गर्दा, समग्रमा१६.९२% घरधुरीले ३० मिनेटभित्र सार्वजनिक यातायात पुग्न सक्छन्। वडागत रूपमा हेर्दा वडा नं. २ मा सबैभन्दा राम्रो यातायात पहुँच रहेको छ, जहाँ १००.००% घरधुरीहरूले ३० मिनेटभित्रै सार्वजनिक यातायात पुग्न सक्छन्।
७९.४३%
११३,६३५ घरधुरी(113,635 households)
१६.९२%
२४,२०० घरधुरी(24,200 households)
३.४८%
४,९८० घरधुरी(4,980 households)
०.१८%
२५३ घरधुरी(253 households)
वडा २
छिटो पहुँच दर: १००.००%100.00% quick access rate
यस वडामा अधिकांश घरधुरीले छिटो सार्वजनिक यातायात सेवा पाउने सुविधा रहेको छ, जुन पालिकाको औसतभन्दा ३.६६% ले उच्च छ।
यसले यस वडामा सडक संजाल र यातायात सेवाको उच्च विकास भएको संकेत गर्दछ, जसले स्थानीय जनताको गतिशीलता र आर्थिक अवसरहरूमा पहुँच बढाउँछ।
वडा २०
छिटो पहुँच दर: ७४.९१%74.91% quick access rate
यस वडामा सार्वजनिक यातायात पहुँचको स्थिति कमजोर रहेको देखिन्छ। अधिकांश घरधुरीहरूले सार्वजनिक यातायात सेवा लिन धेरै समय लगाउनु पर्ने अवस्था छ। भौगोलिक विकटता र सडक पूर्वाधारको कमीका कारण यस वडामा यातायात सेवाको विस्तार र सुधार आवश्यक छ।
उत्तम स्तर
•सूचकाङ्क विवरण: यातायात पहुँच सूचकाङ्क विभिन्न समय श्रेणीहरूको भारित औसतमा आधारित छ, जसमा छिटो पहुँचलाई बढी भार दिइएको छ।
•व्याख्या: ९३.९ अंकले उत्तम यातायात पहुँच दर्शाउँछ। यसमा सुधारका लागि दूरदराजका क्षेत्रहरूमा सार्वजनिक यातायात सेवा विस्तार गर्नुपर्ने देखिन्छ।
कुल १३७,८३५ घरधुरीले ३० मिनेटभित्र सार्वजनिक यातायात पुग्न सक्छन्
पोखरा महानगरपालिकामा सार्वजनिक यातायात पुग्न लाग्ने समयको तथ्याङ्क विश्लेषणबाट निम्न रणनीतिहरू अवलम्बन गर्न सकिन्छ:
यसरी पोखरा महानगरपालिकामा सार्वजनिक यातायात पुग्न लाग्ने समयको विश्लेषण र समग्र यातायात पहुँचको अध्ययनले पालिकामा भौतिक पूर्वाधार विकास, यातायात सेवा विस्तार र सुधारका लागि रणनीतिक योजना बनाउन महत्वपूर्ण भूमिका खेल्दछ। वडागत आवश्यकता र प्राथमिकताका आधारमा लक्षित कार्यक्रम र पूर्वाधार विकास गरेर सार्वजनिक यातायातको पहुँच सुधार गर्न सकिन्छ।